Mehak mere aangan ki chali jaegi ek din ........
महक मेरे आँगन की चली जाएगी एक दिन....
मेरी परछाइयी
मेरी बेटी
जिससे बानी
मेरी छवि
मुझे मिला
एक नया नाम
माँ
आज लेकर आयीं
में हर माँ की कहानी
अपनी ज़ुबानी
बेटी बनकर आयी जब
मेरे आँगन में
उसकी हसी में मेरी ख़ुशी
आज बन गयी मेरी हसी
मेरे आँगन की महक है
मेरे दिल की धड़कन हैं ,
वो नन्हे कदमो की आहट
वो मेरे जीवन की चाहत
वो मेरे आँचल में आकर छुपना
और मुस्कुराते हुए
अपनी शरारतो को छुपाना
वो हाथो में मेहँदी लगवाना
वो ख्वाबो में खो जाना और
नयी सुबह के साथ
नयी शरारतो का झोला
लेकर अपने आँगन में
फिर से उनकी बोछार करना
अपनी हसी से
सब के दिल में बस जाना
अपने दिल में
ढेरो सवाल लिए
बाते करना
पूरे घर में
चिडया की तरह
इधर उधर हस्ते हुए मुस्कुराते हुए
अपनी हसी की गूँज से
मेरे आँगन को महकाना
मेरे आँगन को महकाना
मेरी बेटी मेरे जीवन की महक हैं
मेरे जीवन का आधार हैं
मेरी परछाई हैं
मेरे होने का अहसास हैं
मेरे हाथो ककी ऊँगली पढ़कर
चलना हैं उसे
अपने पथ पर
पल पल हर पल
हर हसीं में
साथ रहना हैं
छोड़ जाएगी एक दिन
किसी और के आँगन
को महकने
अपने जीवन को एक नया
नाम देने
हर लड़की की यही हैं कहानी
एक आँगन से दूसरे आँगन को महकाने
@अनामिका जैन
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